रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के खिलाफ पूर्व में की गई अपनी बयानबाजी को लेकर पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष बलवंत सिंह अरोड़ा ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उस समय भावनाओं में आकर दिए गए उनके बयान अनुचित थे और उससे पुलिस प्रशासन की छवि को ठेस पहुंची, जिसके लिए वह व्यक्तिगत रूप से अपनी गलती मानते हैं।
बलवंत सिंह अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पार्षद सौरभ प्रकरण में पुलिस द्वारा जिस प्रकार निष्पक्ष, त्वरित और तथ्यों के आधार पर जांच कर पूरे मामले का खुलासा किया गया है, उससे यह साबित होता है कि पुलिस किसी दबाव में नहीं, बल्कि कानून के अनुसार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में कई तरह की अफवाहें और भ्रम फैले थे, लेकिन पुलिस की जांच के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। अरोड़ा ने माना कि इसी अधूरी जानकारी के आधार पर उन्होंने जल्दबाजी में टिप्पणी कर दी थी, जो उचित नहीं थी।
पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष ने एसएसपी और पूरी पुलिस टीम का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में धैर्य और विवेक से काम लेना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल मामले की सच्चाई सामने आई, बल्कि आम जनता का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
अरोड़ा ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बिना तथ्यों की पुष्टि किए बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने भविष्य में संयम बरतने का संकल्प भी दोहराया।


